लाइफ में इंजीनियर बनना हर किसी के बस की बात नहीं है लेकिन नामुमकिन कुछ भी नहीं अगर आप मेहनत और लगन के साथ कुछ बनना चाहते हैं और उसी दिशा में जाना चाहते हैं तो कोई भी आपको रोक नहीं सकता नमस्कार दोस्तो स्वागत आपका हमरी वेबसाइट में तो आज बात करेंगे इंजीनियरिंग के बारे में क्यूंकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई में भी कई सारे अलग अलग इंजीनियरिंग कोर्सेज होते हैं किसी का इंटरेस्ट सिविल इंजीनियरिंग में किसी का सॉफ्टवेयर इंजीनियर में और किसी का कंप्यूटर इंजीनियरिंग में होता है तो आप एक कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहते हैं तो आज का ये वीडियो आपकी पूरी हेल्प करेगा तो आइये जानते हैं।

कैसे एक सक्सेसफुल कंप्यूटर इंजीनियर बन सकते हैं।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग एक इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस का कॉम्बिनेशन होता है जिसका फोकस कम्प्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पार्ट को डिजाइन करने में इस्तेमाल किया जाता है तो अगर आप कोई कंप्यूटर बनाना है तो ऐसे में आपको इलेक्ट्रिकल और कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग का ज्ञान होना बहुत जरूरी है इसके अलावा और भी कई सारी चीजें हैं कम्प्यूटर इंजीनियर बनने के लिए।आइये जानते हैं वो कौन कौन सी चीजें हैं कंप्यूटर दो चीजों से मिलकर बनता है एक सॉफ्टवेयर और दूसरा हार्डवेयर पाठ एक कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए इन दोनों में से किसी भी एक में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं तो ये जान लेते हैं।

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सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और हार्डवेयर इंजीनियरिंग में क्या फर्क है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग:
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में आपको सॉफ्टवेयर डवलप करना होता है एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को सॉफ्टवेयर को बनाना डिजाइनिंग का नाम टेस्ट करना होता है सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में आपको कोड लिखना होता है एक एप्लिकेशन या फिर सॉफ्टवेयर बनाने के लिए।

हार्डवेयर इंजीनियरिंग:
हार्डवेयर इंजीनियरिंग में आपको कंप्यूटर की सभी तरह के पार्ट्स जैसे कि माउस कीबोर्ड सीपीयू मदरबोर्ड इत्यादि के बारे में रिसर्च करना डिजाइन करना डेवलप करना और टेस्ट करना नेटवर्किंग इत्यादि का काम होता है अब आगे अगर बात की जाए।

कम्प्यूटर इंजीनियर बनने के लिए योग्यता।

कम्प्यूटर इंजीनियर बनने के लिए योग्यता यानि की क्वालिफिकेशन में क्या जरूरी है तो पहले 12वीं पास होना चाहिए साइंस सब्जेक्ट से मैच के साथ और दूसरा की 60 प्रतिशत मार्क्स पर एंट्रेंस एग्जाम देना होगा तो कोई कम्प्यूटर इंजीनियर computer engineering course - कंप्यूटर इंजीनियर कैसे बनेबनना है चाहे वो सॉफ्टवेयर पार्ट में हो या फिर हार्डवेयर पार्ट में सबसे पहले आपको 12वीं क्लास पास करना होगा और साइंस सब्जेक्ट के साथ ये ध्यान रहे आपके पास बाबई में मैथ्स सब्जेक्ट होना बहुत जरूरी है और इसके साथ ही आपके 12वीं में कम से कम 60% मा‌र्क्स तो होने ही चाहिए तो इसके लिए आप 11वीं में साइंस सब्जेक्ट चुनें मैथ्स के साथ फिर 12वीं पास करें और 12वीं में कम से कम 60 प्रतिशत मार्क्स के साथ आपको पास करना जरूरी है। और आगे अगर एंट्रेस एग्जाम के लिए अप्लाई करने की और क्लियर करने की बात हो तो ट्रायल के फाइनल एग्जाम के समय आपको कम्प्यूटर इंजीनियर बनने के लिए एंट्रेंस एग्जाम भरने होंगे और कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग जिसे हम सीएस भी कहते हैं उस सब्जेक्ट को चुनना होगा और इस एग्जाम को क्लियर करना होगा तभी आपको किसी कॉलेज में एडमिशन मिलेगा जहां से आप कम्प्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर सकते हैं इंडिया में कई सारे एग्जाम है जैसे की आईआईटी एआई त्रिपोली या आल इंडिया लेवल के एग्जाम हैं जहां से आप इंजीनियरिंग पूरी कर सकते हैं तो ये हम आपको कुछ इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम की लिस्ट बता रहे हैं इन एग्जाम्स को क्लियर करके आप कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकते हैं।

  1. आल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम यानि की एआई त्रिपोली
  2. बिग सेट
  3. कॉमेट के अंडरग्रैजुएट एंट्रेंस टेस्ट यानि किसी और एमईटी के
  4. दिल्ली यूनिवर्सिटी कंबाइंड एंट्रेंस एग्जामिनेशन
  5. एम सेट पी ए एम सीईटी यानि कि इंजीनियरिंग एग्रीकल्चर एण्ड मेडिसिन कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
  6. गोवा कॉमन एंट्रेंस टेस्ट यानि सीईटी
  7. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम यानि की आईआईटी जेईई आईटीआई
  8. केरला लौ एंट्रेंस एग्जामिनेशन यानि कि के एल डब्लू
  9. उड़ीसा ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम यानि कि जे डब्ल्यू
  10. एसआरएम यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम

एग्जाम के बाद अगर बात करे हम काउंसलिंग की और कॉलेज चूज करने की तो जैसे ही आप एंट्रेंस एग्जाम क्लियर कर लेंगे इसके बाद आपको कॉलेज में एडमिशन के लिए काउंसलिंग करनी होगी जिसमें आपको आपके मार्क्स यानि की रैंक के हिसाब से कॉलेज दिया जाता है तो जितने अच्छे आपके माक्र्स होंगे उतना ही बढ़िया आपको कॉलेज मिलेगा।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पूरी पढ़ाई।

तो जैसे आप एंट्रेंस एग्जाम को क्लियर कर लेते हैं इसके बाद आप कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग कोर्सेस में एडमिशन ले सकते हैं और अपनी कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई को कंप्लीट कर सकते हैं कि कोर्स पूरे चार साल का होता है या को चार साल तक पढ़ाई करनी होगी कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए तो जैसे आप कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई को 4 साल कंप्लीट कर लेंगे उसके बाद आप एक कंप्यूटर इंजिनियर कहलाएंगे । इसके बाद अगर आप कंप्यूटर में मास्टर डिग्री यानि स्पेशलिस्ट बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एमटेक जैसे कोर्सेस के लिए एंट्रेंस एग्जाम देना होगा और इसे क्लियर करना होगा और हम उम्मीद करते हैं कि हमारा यह पोस्ट आपके लिए बहुत ही यूजफुल और हेल्पफुल रहेगा

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