कभी कभी जिंदगी में ऐसा वक्त भी आता है जिससे लगता है कि सब कुछ गलत हो रहा है, ऐसा लगता है जैसे समय हमारे खिलाफ चल रहा हो हर चीज हमारे साथ उल्टी हो रही हो हर बात हमारे साथ गलत हो रही हो लगता है, सारी मुसीबतें हमारे पीछे पड़ गई है ऐसा क्यों होता है, जब इंसान के जीवन में कोई दुख की घड़ी आती है कोई कठिन समय आता है या बुरा वक्त आता है तो सारी परेशानी एक साथ आखिर क्यों खड़ी हो जाती है, ऐसे समय में इंसान को लगता है कि कोई उसका साथ देने वाला नहीं है इंसान खुद को अकेला महसूस करता है, खुद को हारा हुआ और कमजोर महसूस करता है और अपनी हिम्मत हार कर बैठ जाता है।

खुद का मनोबल कैसे बढ़ाये

एक बार एक गुरुजी अपने शिष्यों के साथ नदी किनारे नहाने के लिए आए बहती नदिया के आगे गुरुजी एक वृक्ष के नीचे आकर बैठ गए सभी शिष्य भी वहीं बैठ गए काफी देर तक गुरुजी वहीं बैठे रहे सुबह से दिन हो गया फिर आखिर में एक शिष्य ने गुरुजी से प्रश्न किया कि गुरुजी हम तो यहां स्नान के लिए आए थे सुबह से दिन हो चला है आखिर हम सब कब स्नान करेंगे तो गुरुजी ने कहा कि जब इस नदी की लहरी शांत हो जाएंगी जब, यह नदी ठहर जाएगी तब, हम इसमें स्नान करेंगे।

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तो शिष्यों ने कहा कि गुरुजी नदी कैसे बहना छोड़ सकती है नदी तो ऐसे ही बहती रहेगी हमें इसी नदी में स्नान करना पड़ेगा फिर गुरुजी ने कहा कि यह नदी नहीं है, यह जिंदगी है, जिंदगी में भी ऐसे ही दुखों और सुखों की लहरें चलती है।

नदी है पर यदि हम दुखों से हार के बैठ जाएंगे कि जब यह दुख खत्म होंगे जब यह बुरा वक्त खत्म होगा तब हम कुछ करेंगे वह ऐसी स्थिति में हम जिंदगी में कुछ कर ही नहीं पाएंगे क्योंकि यह जिंदगी का दस्तूर है और इन्हीं दुख की गाड़ियों में इन्हीं असफलताओं की गाड़ियों में हमें आगे बढ़ना है हमें जिंदगी में कभी भी हार नहीं माननी चाहिए।

अगर विफलता की बात करें तो

थॉमस ऐल्वा एडीसन
लाइट का बल्ब बनाने से पहले हजार बार प्रयोग में विफल हुए थे उन से किसी ने पूछा जब आप हजार बार प्रयोग में विफल हो गए तो क्या आपने कभी हिम्मत नहीं हारी तो क्या आपको कभी निराशा नहीं हुई तो थॉमस एडिसन ने कहा कि नहीं मैंने उन हजार असफल प्रयोगों से भी कुछ सीखा कि इन हजार तरीकों से बिजली नहीं बनाई जा सकती।

अल्बर्ट आइंस्टाइन
जो 4 साल की उम्र तक कुछ बोल नहीं पाता था और 7 साल की उम्र तक निरक्षर था लोग उसको दिमागी रूप से कमजोर मानते थे लेकिन अपनी तैयारी और सिद्धांतों के बल पर वह दुनिया का सबसे बड़ा साइंटिस्ट बना हम भी जिंदगी में बहुत कुछ बड़ा कर सकते हैं पर हम अपनी असफलताओं से हट जाते हैं क्योंकि उसे डर जाते हैं इसलिए हम चलना ही छोड़ देते हैं चाहे जिंदगी में कितना भी कठिन लगता है पर वह कुछ न कुछ सिखा कर जरूर जाता है मेरे अच्छे वक्त ने दुनिया को बताया कि मैं कैसा हूं और मेरे बुरे वक्त ने मुझे बताया कि दुनिया के कैसा है।

अगर जिंदगी में बुरा वक्त ना आए तो हम अपनों में पराये और पराये में अपनों को कभी ढूंढ ही नहीं सकते तो कितना भी कठिन समाया है घबराना मत सब्र करो बुरे वक्त का भी एक दिन बुरा वक्त आता है तो दुख से कभी घबराओ मत दुख भी एक गुरु की तरह हमारी जिंदगी में आता है और हमें बहुत कुछ सिखा कर चला जाता है।

मैं शुक्रगुजार हूं उन तमाम लोगों का जिन्होंने मेरे बुरे वक्त में मेरा साथ छोड़ दिया क्योंकि उनकी वजह से ही मुझे पता चला कि मुसीबतों से मैं अकेला ही निपट सकता हूँ और जिस इंसान ने बुरा वक्त देखा है कठिन समय देखा है जो संघर्षों से गुजरा है वह इंसान दूसरे के दर्द को भी समझ पाता है दूसरे की तकलीफों को भी समझ पाता है तो कैसा भी वक्त है जिंदगी में कभी हिम्मत मत हारना हर परिस्थिति में आप आगे बढ़ते रहो क्योंकि जिंदगी आगे बढ़ने का नाम है रुकने का नहीं।

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